June 1, 2014 pcadm 0

त्रासदी के गवाह

हनुमान चट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ हैलीकॉप्टर अब भी वैसे ही पड़ा है। त्रासदी के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

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May 30, 2014 pcadm 0

दिव्य शिला

केदारनाथ के मंदिर के पीछे बहकर आए बोल्डर (चट्टान) को अब दिव्य शिला मानकर पूजा जा रहा है। पुजारियों का कहना है कि इसी शिला के कारण मंदिर टूटने से बचा क्योंकि पहाड़ से आया मलबा इस चट्टान से कटकर इधर-उधर चला गया।

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May 29, 2014 pcadm 0

तबाही के निशान

बर्फ जमी होने के कारण तबाही के निशान अब भी ज्यों के त्यों हैं। नया सीजन शुरू होने के कारण रास्ता बनाने की कवायद लगातार जारी है। क्योंकि अब भी बर्फबारी हो रही है।

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May 28, 2014 pcadm 0

केंदारनाथ मंदिर

केंदारनाथ मंदिर की चौखट में दरारें आ गई हैं। दायीं तरफ का हिस्सा इस तरह दरक गया है कि उसे अस्थाई तौर पर पत्थर लगाकर रोका गया है। मरम्मत के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की मदद ली जा रही है।

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May 27, 2014 pcadm 0

त्रासदी के गवाह

केदारनाथ मंदिर के चारों ओर बने मकानों में अभी भी शव दबे हैं। चूंकि इस ऊंचाई पर मलबे को हटा पाने के लिए हैवी मशीनरी चाहिए जो अभी तक संभव नहीं हो पाया है। जीएसआई ने भी कहा है कि फिलहाल मलबे को न हटाया जाए।

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May 26, 2014 pcadm 0

केदारनाथ त्रासदी के निशान

गौरीकुंड में वक्त ठहरा हुआ है। 15-16 जून, 2013 को आई जल आपदा में पूरा गौरीकुंड तबाह हो गया। लगभग एक साल बाद भी यात्रियों की गाड़ियां वहीं पड़ी हैं जहां वे फंसी रह गई थीं। यह जगह गौरीकुंड में बड़ी पार्किंग के नाम से जानी जाती है।

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May 20, 2014 pcadm 0

बिहू : गौरवपूर्ण परंपरा की पहचान

असम सिर्फ एक प्रदेश का नाम नहीं, प्राकृतिक सौंदर्य, प्रेम, विभिन्न संस्कृतियों इत्यादि की झलक का प्रतीक है। असम की ढेर सारी संस्कृतियों में से बिहू एक ऐसी परंपरा है जो यहां का गौरव है। असम में मनाए जाने वाले बिहू मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं... बैसाख बिहू -…

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